बरसात के मौसम में नहीं खानी चाहिए ये सब्जियां, इनके सेवन से बढ़ सकता है यूरिक एसिड, ज़्यादा से ज़्यादा पीना चाहिए पानी…

न्यूज़ डेस्क: क्या आप आजकल जोड़ों के दर्द से परेशान हैं? या आपके पैर की उंगलियों, टखनों और घुटनों में दर्द और सूजन है? तो यह एक चिंताजनक स्थिति है जो इन लक्षणों के साथ शरीर में यूरिक एसिड के बढ़ने का संकेत दे रही है। वैसे क्या आप जानते हैं कि अगर यूरिक एसिड का सही समय पर इलाज न किया जाए तो किडनी और लीवर काम करना बंद कर सकते हैं। इसके अलावा यूरिक एसिड बढ़ने से भी हार्ट अटैक जैसी समस्या हो सकती है। वैसे तो यूरिक एसिड के बढ़ने के कई कारण होते हैं, लेकिन खासकर मानसून के मौसम में कुछ सब्जियों के सेवन से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। तो यहां हम आपको उन सब्जियों के साथ-साथ उन खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जो यूरिक एसिड को नियंत्रित करते हैं।

शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का कारण

यूरिक एसिड एक प्राकृतिक अपशिष्ट उत्पाद है जो उन खाद्य पदार्थों के पाचन से उत्पन्न होता है जिनमें प्यूरीन होता है। यूरिक एसिड तब पाया जाता है जब हमारा शरीर प्यूरीन को तोड़ता है। दरअसल हमारा शरीर किडनी की मदद से यूरिक एसिड को फिल्टर करता है और यह पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन जो लोग अपने आहार में बहुत अधिक प्यूरीन का सेवन करते हैं, या जिनका शरीर इस यूरिक एसिड को तेजी से बाहर नहीं निकाल पाता है, उनके शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है और रक्त में यूरिक एसिड का निर्माण होने लगता है। हालांकि कई मामलों में इसके बढ़ने का कारण अनुवांशिक भी हो सकता है।

यूरिक एसिड बढ़ने से बढ़ सकती हैं ये समस्याएं

इसके अलावा मोटापा, किडनी, डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों के कारण शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है। यदि यूरिक एसिड का स्तर बहुत अधिक हो जाता है तो उस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर की विभिन्न मांसपेशियों में सूजन आ जाती है, जिससे दर्द शुरू हो जाता है, लेकिन कभी-कभी यह दर्द गठिया नामक बीमारी का कारण भी बन सकता है। जो रक्त और मूत्र को अम्लीय भी बना सकता है।

यूरिक एसिड बढ़ाने वाली सब्जियां

यूरिक एसिड में बीन्स से बनाएं दूरी: बीन्स वैसे तो बीन्स खाने के कई फायदे होते हैं। लेकिन बरसात के मौसम में इसके ज्यादा सेवन से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में जो लोग एसिडिटी बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं, उन लोगों को बीन्स का सेवन नहीं करना चाहिए। बल्कि इसे खाने से शरीर में सूजन भी हो सकती है।

सूखे मटर भी बढ़ते यूरिक एसिड के लिए हैं जिम्मेदार

अगर आपका यूरिक एसिड ज्यादा है तो बारिश में सूखे मटर का सेवन करने की गलती न करें, क्योंकि इससे यूरिक एसिड का स्तर और बढ़ सकता है। दरअसल सूखे मटर में प्यूरीन पाया जाता है, जो यूरिक एसिड को बढ़ाने का काम करता है।

बारिश का मौसम आते ही बैंगन को कहें न

बैंगन में प्यूरीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में इसे खाने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने का खतरा और बढ़ जाता है। इससे न सिर्फ शरीर में सूजन आती है बल्कि बैगन के सेवन से चेहरे पर खुजली की समस्या भी हो सकती है। इसलिए यूरिक एसिड से पीड़ित लोगों को बैगन से दूर रहना चाहिए।

मानसून में नहीं खानी चाहिए पालक

हरी सब्जियों में पालक सबसे अच्छा होता है, लेकिन जो लोग यूरिक एसिड से पीड़ित हैं, उनके लिए भी बारिश के मौसम में पालक खाना सही नहीं है। पालक में प्रोटीन और प्यूरीन दोनों होते हैं जो यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं।

बरसात के मौसम में मशरूम और अरबी बनाएं दूरी

यूरिक एसिड बढ़ाने के लिए मशरूम और अरबी भी जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें प्यूरीन की मात्रा भी अधिक होती है, इसलिए इन्हें खाने से जोड़ों में दर्द हो सकता है और यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ सकती है।

मानसून के मौसम में क्या खाए ?

यूरिक एसिड से बचने के लिए सेब साइडर सिरका, चेरी, फ्रेंच बीन जूस, कम डेयरी वसा उत्पाद, जामुन, जैतून का तेल, पिंटो बीन्स, नींबू, अजवाइन, केला, हरी चाय, ज्वार, बाजरा, टमाटर, ककड़ी, ब्रोकोली को अपने डाइट में शामिल करना न भूलें।

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