अब प्रयागराज से सामने आई शर्मनाक तस्वीर, बेटे की लाश कंधे पर रख 25 किलोमीटर चले माता पिता, नहीं मिली एंबुलेंस…

प्रयागराज: करंट लगने से मौत की वजह से गरीब परिवार वैसे ही गहरे सदमे में था, ऊपर से प्रयागराज शहर स्थित स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में एंबुलेंस वालों ने भाड़ा मिले बिना शव ले जाने से मना कर दिया। साथ आए सिपाही भी मौन रहे। ऐसे में पिता को मजबूरन बेटे की लाश कंधे पर लादकर 25 किलोमीटर दूर करछना में घर तक ले जाना पड़ा। मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ तो जिला प्रशासन भी सकते में आ गया। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए दोषी लोगों पर एक्शन लेने की बात कही है।

मंगलवार को परिवार के साथ हुआ अमंगल

करछना के रामपुर सेमरहा गांव निवासी बजरंगी यादव के नौ वर्षीय बेटे शुभम को मंगलवार को करंट लग गया था। यह घटना उसके घर से कुछ दूर मंदिर के पास लगे खंभे को छूने से हुई। झुलस जाने पर परिवार वाले उसे किसी डाक्टर के पास ले गए, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस कर्मी पहुंचे। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय परिसर स्थित चीरघर भेजा गया।

पैसे थे नहीं, एंबुलेंस नहीं मिली तो कंधे पर 

दोपहर बाद पोस्टमार्टम हुआ। पिता बजरंगी व अन्य लोगों ने एंबुलेंस वालों से शव लेकर चलने के लिए कहा तो हजारों रुपये की मांग हुई। इतने पैसे नहीं थे बजरंगी के पास। उस समय वर्षा भी हो रही थी। ‘मरता क्या न करता’ कहावत फिर सटीक साबित हो गई। पिता ने कंधे पर बेटे का शव लादा और चल पड़ा करछना की ओर। बीच रास्ते किसी ने पिता को कंधे पर शव लेकर चलते देखा तो मोबाइल फोन से वीडिया बना लिया, उसे इंटरनेट मीडिया पर अपलोड कर वायरल कर दिया। साथ् चल रहे लोगों के अनुसार बीच-बीच में पिता के थक जाने पर मां भी बेटे का शव कंधे पर लादकर चल रही थी। इस वीडियो के वायरल होते ही बुधवार को एसआरएन अस्पताल, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज से लेकर जिला प्रशासन तक खलबली मच गई। मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य ने पूछा तो प्रमुख चिकित्साधीक्षक ने वस्तुस्थिति लिखकर उन्हें भेज दी।

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नहीं पता क्या हुई एंबुलेंस वालों से बात

बच्चे की मौत करछना में ही किसी अस्पताल में हुई। उसका पोस्टमार्टम केवल एसआरएन परिसर के चीरघर में हुआ। परिवार की एंबुलेंस वालों से क्या बात हुई, इस संबंध में जानकारी नहीं है। प्रधानाचार्य को यही जानकारी लिखकर भेजी गई है।

डा. अजय सक्सेना, प्रमुख चिकित्साधीक्षक एसआरएन अस्पताल

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कमिश्नर ने कहा- जांच कराएंगे कि ऐसा क्यों हुआ

बेटे का शव कंधे पर लादकर अस्पताल से घर जाने की जानकारी मिली है। जांच कराएंगे कि ऐसा क्यों हुआ, किस स्तर पर लापरवाही हुई। किसी के दोषी मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। परिवार अगर शासकीय सहायता की किसी श्रेणी में आता है तो उसे तत्काल सहायता पहुंचाई जाएगी।

विजय विश्वास पंत, मंडलायुक्त

साभार – दैनिक जागरण

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